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hindikavita शैतान डरो न से कम डरो ना बात आगे बढ़ो गालिबकीजमीनमेग़ज़ल एतबार तुम डरो ना शैतान कोरोना खुद के लिए बोलो स्टे स्ट्रांग कोरोना किसी कोण किसी दिशा से देखो पूरी दिखती है नदी। (इसी कविता से) नारी किसी seedhi baat नहीं हिम्मत रखो से

Hindi ना किसी से डरो Poems